NCERT SolutionsClass 10solution for chapter – 3 : धातु एवं अधातु कक्षा 10 विज्ञान in hindi
solution for chapter – 3 : धातु एवं अधातु कक्षा 10 विज्ञान in hindi
उत्तर:
सबसे पहले लाल लिटमस पत्र को तीनों परखनालियों के विलयनों में अलग-अलग डुबोया जाएगा।
जिस विलयन में लिटमस का रंग नहीं बदलता, वह अम्लीय विलयन है।
जिस विलयन में लाल लिटमस नीला हो जाता है, वह क्षारीय विलयन है।
जिस विलयन में कोई स्पष्ट परिवर्तन नहीं होता (तटस्थ रहता है), वह आसवित जल है।
उत्तर:
दही और खट्टे पदार्थों में अम्ल होता है। जब इन्हें पीतल या ताँबे के बर्तनों में रखा जाता है, तो ये अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया कर लेते हैं। इससे हानिकारक पदार्थ बन सकते हैं और भोजन खराब हो जाता है। इसलिए ऐसे बर्तनों में खट्टे पदार्थ नहीं रखने चाहिए।
उत्तर: जब कोई धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है, तो सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है।
उदाहरण:
एक परखनली में थोड़ा तनु सल्फ्यूरिक अम्ल लें और उसमें जिंक के टुकड़े डालें। कुछ समय बाद गैस निकलने लगेगी।
रासायनिक समीकरण:
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ ↑
जाँच विधि:
निकली हुई गैस के पास जलती हुई माचिस या मोमबत्ती ले जाने पर ‘पॉप’ (फट-फट) की आवाज आती है। इससे पता चलता है कि यह हाइड्रोजन गैस है।
उत्तर: यहाँ ‘A’ कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) है। जब यह हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है, जो जलती हुई मोमबत्ती को बुझा देती है।
रासायनिक समीकरण:
CaCO₃ (s) + 2HCl (aq) → CaCl₂ (aq) + CO₂ (g) + H₂O (l)
कैल्सियम कार्बोनेट + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → कैल्सियम क्लोराइड + कार्बन डाइऑक्साइड + जल
उत्तर:
HCl और HNO₃ जैसे पदार्थ पानी में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) बनाते हैं। यही आयन उन्हें अम्लीय बनाते हैं।
उदाहरण:
HCl (aq) → H⁺ + Cl⁻
दूसरी ओर, एल्कोहोल और ग्लूकोज पानी में घुलने पर H⁺ आयन नहीं बनाते, इसलिए वे अम्ल जैसा व्यवहार नहीं दिखाते।
उत्तर:
अम्ल जब पानी में घुलते हैं, तो वे H⁺ या H₃O⁺ आयन बनाते हैं। ये आयन विद्युत् को प्रवाहित करने में मदद करते हैं, इसलिए अम्ल का जलीय विलयन बिजली का संचालन करता है।
उत्तर:
शुष्क HCl गैस में H⁺ आयन नहीं बनते, क्योंकि पानी मौजूद नहीं होता। इसलिए यह शुष्क लिटमस के रंग को नहीं बदलती।
उत्तर:
अम्ल को पानी में घोलने पर बहुत अधिक ऊष्मा (गर्मी) निकलती है। इसलिए अम्ल को धीरे-धीरे पानी में मिलाना चाहिए।
यदि पानी को सीधे अम्ल में डाल दिया जाए, तो तेज गर्मी के कारण मिश्रण उछल सकता है और चोट लग सकती है।
उत्तर: जब अम्ल में पानी मिलाया जाता है, तो उसका घोल पतला हो जाता है। इससे H₃O⁺ आयनों की मात्रा प्रति इकाई आयतन कम हो जाती है, यानी अम्ल की तीव्रता घट जाती है।
उत्तर
सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) की सांद्रता बढ़ जाएगी|
उत्तर: जिस विलयन का pH मान 7 से कम होता है, वह अम्लीय होता है और जिसमें pH 7 से अधिक होता है, वह क्षारकीय होता है।
इसलिए, विलयन ‘A’ (pH = 6) अम्लीय है और इसमें हाइड्रोजन आयन (H⁺) की मात्रा अधिक होती है।
विलयन ‘B’ (pH = 8) क्षारकीय है और इसमें हाइड्रोजन आयन की मात्रा कम होती है।
उत्तर:
यदि किसी विलयन में H⁺ आयन की मात्रा बढ़ जाती है, तो वह अम्लीय बन जाता है।
और यदि H⁺ आयन की मात्रा कम हो जाती है, तो विलयन क्षारकीय हो जाता है।
उत्तर:
हाँ, क्षारकीय विलयन में भी H⁺ आयन मौजूद होते हैं, लेकिन उनकी मात्रा बहुत कम होती है। इसमें OH⁻ आयनों की मात्रा अधिक होती है, इसलिए विलयन क्षारकीय होता है।
उत्तर:
जब खेत की मिट्टी अधिक अम्लीय (खट्टी) हो जाती है, तब किसान उसकी अम्लता को कम करने के लिए चूना या चाक का उपयोग करता है। इससे मिट्टी का pH संतुलित हो जाता है और फसल अच्छी होती है।
उत्तर: CaOCl₂ को सामान्य रूप से ब्लीचिंग पाउडर कहा जाता है।
उत्तर: वह पदार्थ कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)₂) है।
उत्तर: इसके लिए वाशिंग सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) का उपयोग किया जाता है।
उत्तर: सोडियम हाइड्रोकार्बोनेट को गर्म करने पर यह टूटकर सोडियम कार्बोनेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है।
रासायनिक समीकरण:
2NaHCO₃ (s) → Na₂CO₃ (s) + H₂O (l) + CO₂ (g)
उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी के साथ मिलकर जिप्सम बनाता है और यह प्रक्रिया कठोर होने की होती है।
रासायनिक समीकरण:
CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
उत्तर:
(d) 10
उत्तर:
(b) HCl
उत्तर: (d) 16 mL
उत्तर: (c) ऐन्टैसिड
(a)
शब्द-समीकरण:
सल्फ्यूरिक अम्ल + जिंक → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन
संतुलित समीकरण:
Zn (s) + H₂SO₄ (aq) → ZnSO₄ (aq) + H₂ (g)
(b)
शब्द-समीकरण:
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + मैग्नीशियम → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन
संतुलित समीकरण:
Mg (s) + 2HCl (aq) → MgCl₂ (aq) + H₂ (g)
(c)
शब्द-समीकरण:
सल्फ्यूरिक अम्ल + एलुमिनियम → एलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन
संतुलित समीकरण:
2Al (s) + 3H₂SO₄ (aq) → Al₂(SO₄)₃ (aq) + 3H₂ (g)
(d)
शब्द-समीकरण:
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + लोहा → फेरस क्लोराइड + हाइड्रोजन
संतुलित समीकरण:
Fe (s) + 2HCl (aq) → FeCl₂ (aq) + H₂ (g)
उत्तर:
क्रियाकलाप:
एक बीकर में कॉर्क रखकर उसमें दो कीलें लगाएँ। इन कीलों को बैटरी, बल्ब और स्विच से जोड़ दें। अब बीकर में पहले तनु HCl डालकर धारा प्रवाहित करें। इसके बाद यही प्रयोग ग्लूकोज और एल्कोहॉल के विलयन के साथ करें।
अवलोकन:
HCl के विलयन में बल्ब जल उठता है, जिससे पता चलता है कि यह विद्युत् का चालन करता है। लेकिन ग्लूकोज और एल्कोहॉल के विलयन में बल्ब नहीं जलता।
निष्कर्ष:
इससे स्पष्ट होता है कि ग्लूकोज और एल्कोहॉल H⁺ आयन नहीं बनाते, इसलिए वे अम्ल की तरह व्यवहार नहीं करते।
उत्तर:
आसवित जल में आयन नहीं होते, इसलिए यह बिजली का संचालन नहीं कर पाता।
जबकि वर्षा जल में घुले हुए लवण और गैसों के कारण आयन उपस्थित होते हैं, इसलिए यह विद्युत् का चालन करता है।
उत्तर: अम्ल अपने H⁺ आयन केवल पानी में घुलने पर ही बनाते हैं।
जब पानी नहीं होता, तो ये आयन नहीं बनते, इसलिए अम्ल अपना अम्लीय गुण नहीं दिखाते।
(a) उदासीन → D (pH = 7)
(b) प्रबल क्षारीय → C (pH = 11)
(c) प्रबल अम्लीय → B (pH = 1)
(d) दुर्बल अम्लीय → A (pH = 4)
(e) दुर्बल क्षारीय → E (pH = 9)
आरोही क्रम (H⁺ सांद्रता के अनुसार):
11 < 9 < 7 < 4 < 1
उत्तर: परखनली ‘A’ में अधिक तेज़ बुदबुदाहट होगी।
क्योंकि HCl एक प्रबल अम्ल है, जो अधिक मात्रा में H⁺ आयन देता है। इससे हाइड्रोजन गैस जल्दी बनती है और बुदबुदाहट तेज़ दिखाई देती है।
जबकि CH₃COOH एक कमज़ोर अम्ल है, इसलिए उसमें अभिक्रिया धीमी होती है।
उत्तर: जब दूध दही में बदलता है, तो उसका pH कम हो जाता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दही बनने पर उसमें लैक्टिक अम्ल बनता है, जो उसे अधिक अम्लीय बना देता है।
उत्तर:
(a) बेकिंग सोडा मिलाने से दूध क्षारीय हो जाता है, जिससे वह जल्दी खराब नहीं होता और दही बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
(b) क्योंकि दूध अब थोड़ा क्षारीय हो गया है, इसलिए दही बनाने वाले अम्ल पहले इस क्षार को निष्क्रिय करते हैं। इस कारण दही बनने में अधिक समय लगता है।
उत्तर:
प्लास्टर ऑफ पेरिस नमी के संपर्क में आने पर पानी को अवशोषित कर लेता है और जिप्सम में बदलकर कठोर हो जाता है।
इसलिए इसे नमी से बचाने के लिए आर्द्र-रोधी बर्तन में रखा जाता है।
समीकरण:
CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
उत्तर:
जब कोई अम्ल और क्षार आपस में अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
(i) NaOH + HCl → NaCl + H₂O
(ii) HNO₃ + KOH → KNO₃ + H₂O
उत्तर:
धोने का सोडा के उपयोग:
(i) इसका उपयोग काँच, साबुन और कागज बनाने में किया जाता है।
(ii) यह पानी की स्थायी कठोरता को कम करने में काम आता है।
बेकिंग सोडा के उपयोग:
(i) इसका उपयोग बेकिंग पाउडर बनाने में किया जाता है, जिससे केक और ब्रेड मुलायम व फूले हुए बनते हैं।
(ii) इसका उपयोग अग्निशामक यंत्रों में भी किया जाता है।
solution for chapter – 3 : धातु एवं अधातु कक्षा 10 विज्ञान in hindi
अध्याय 1 : रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण, प्रश्न-उत्तर समाधान सरल हिन्दी में कक्षा 10 विज्ञान
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