solution for chapter – 1 : रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण कक्षा 10 विज्ञान in hindi

अध्याय 1 : रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण, प्रश्न-उत्तर समाधान सरल हिन्दी में कक्षा 10 विज्ञान
Page no 06 प्रश्न
प्रश्न 1मैग्नीशियम की पट्टी को हवा में जलाने से पहले साफ क्यों किया जाता है?

उत्तर (Hindi):

मैग्नीशियम एक बहुत क्रियाशील धातु है। जब इसे हवा में रखा जाता है, तो इसकी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड की पतली परत बन जाती है। यह परत मैग्नीशियम को आसानी से जलने नहीं देती। इसलिए इस परत को हटाने के लिए मैग्नीशियम की पट्टी को सैंडपेपर से साफ किया जाता है, ताकि शुद्ध धातु हवा में अच्छी तरह जल सके।

Qनिम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण लिखिए। (i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड (ii) बेरियम क्लोराइड + एल्युमिनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + एल्युमिनियम क्लोराइड (iii) सोडियम + पानी → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

उत्तर :(i)
H₂ (g) + Cl₂ (g) → 2HCl (g)

उत्तर :(ii)
3BaCl₂ (aq) + Al₂(SO₄)₃ (aq) → 3BaSO₄ (s) + 2AlCl₃ (aq

उत्तर :(iii)
2Na (s) + 2H₂O (l) → 2NaOH (aq) + H₂ (g)

Qप्रश्न: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए अवस्था चिन्हों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (i) पानी में घुले बेरियम क्लोराइड और सोडियम सल्फेट की अभिक्रिया से अघुलनशील बेरियम सल्फेट तथा सोडियम क्लोराइड का विलयन बनता है। (ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड के जलीय विलयन की अभिक्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के जलीय विलयन से होकर सोडियम क्लोराइड और पानी बनाती है।

उत्तर (Hindi):(i)
BaCl₂ (aq) + Na₂SO₄ (aq) → BaSO₄ (s) + 2NaCl (aq)

 

उत्तर (Hindi):(ii)
NaOH (aq) + HCl (aq) → NaCl (aq) + H₂O (l)

Qएक पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफेदी करने किया जाता है। (i) पदार्थ ‘X’ का नाम और उसका रासायनिक सूत्र लिखिए। (ii) इस अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

(i) पदार्थ ‘X’ का नाम कैल्शियम ऑक्साइड (चूना) है।
इसका रासायनिक सूत्र CaO होता है।

(ii) जब कैल्शियम ऑक्साइड में पानी मिलाया जाता है तो कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड बनता है।

समीकरण:
CaO + H₂O → Ca(OH)₂

यह घोल दीवारों पर सफेदी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम बताइए।

उत्तर:

क्रियाकलाप 1.7 में जब जल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो जल का विद्युत अपघटन होता है। इस प्रक्रिया में जल टूटकर हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन गैस बनाता है।

इस अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:
2H₂O (l) → 2H₂ (g) + O₂ (g)

इस समीकरण से पता चलता है कि जल के दो अणुओं के टूटने पर हाइड्रोजन के दो अणु और ऑक्सीजन का एक अणु बनता है। इसलिए एक परखनली में हाइड्रोजन गैस की मात्रा ऑक्सीजन गैस की तुलना में दोगुनी एकत्रित होती है।

अतः अधिक मात्रा में एकत्रित होने वाली गैस हाइड्रोजन गैस है।

प्रश्नजब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डाला जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

उत्तर:

जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के घोल में रखा जाता है, तो लोहा ताँबे की तुलना में अधिक क्रियाशील होने के कारण ताँबे को उसके यौगिक से बाहर कर देता है। इस प्रक्रिया में कॉपर सल्फेट का नीला घोल बदलकर आयरन सल्फेट में परिवर्तित हो जाता है, जिसका रंग हल्का हरा होता है। साथ ही लोहे की कील की सतह पर ताँबे की परत जम जाती है।

यह एक विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।

रासायनिक समीकरण:
Fe (s) + CuSO₄ (aq) → FeSO₄ (aq) + Cu (s)

Qक्रियाकलाप 1.10 से अलग किसी द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण लिखिए।

उत्तर:

द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिक आपस में अभिक्रिया करके अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं और नए यौगिक बनाते हैं।

उदाहरण:
2KBr (aq) + BaI₂ (aq) → 2KI (aq) + BaBr₂ (aq)

इस अभिक्रिया में पोटैशियम ब्रोमाइड और बेरियम आयोडाइड आपस में क्रिया करके पोटैशियम आयोडाइड तथा बेरियम ब्रोमाइड बनाते हैं।

Qप्रश्न: निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित (ऑक्सीकरण) तथा अपचयित (अपचयन) पदार्थों की पहचान कीजिए। (i) 4Na (s) + O₂ (g) → 2Na₂O (s) (ii) CuO (s) + H₂ (g) → Cu (s) + H₂O (l)प्रश्न:

उत्तर:

(i)
इस अभिक्रिया में सोडियम (Na) ऑक्सीजन के साथ मिलकर सोडियम ऑक्साइड बनाता है। इसलिए सोडियम का ऑक्सीकरण (उपचयन) होता है।
दूसरी ओर ऑक्सीजन इलेक्ट्रॉन प्राप्त करती है, इसलिए उसका अपचयन होता है।


(ii)
इस अभिक्रिया में कॉपर ऑक्साइड (CuO) से ऑक्सीजन निकल जाती है और ताँबा बनता है, इसलिए CuO का अपचयन होता है।
हाइड्रोजन (H₂) ऑक्सीजन के साथ मिलकर पानी बनाती है, इसलिए हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण होता है।

Q1. नीचे दी गई अभिक्रिया के सम्बन्ध में कौन-सा कथन असत्य है? 2PbO (s) + C (s) → 2Pb (s) + CO₂ (g) (a) सीसा अपचयित हो रहा है। (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है। (c) कार्बन उपचयित हो रहा है। (d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।

उत्तर:
(i) (a) एवं (b)

QFe₂O₃ + 2Al → Al₂O₃ + 2Fe ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है? (a) संयोजन अभिक्रिया (b) द्विविस्थापन अभिक्रिया (c) वियोजन अभिक्रिया (d) विस्थापन अभिक्रिया

उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया

Qलौह चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? (a) हाइड्रोजन गैस तथा आयरन क्लोराइड बनता है। (b) क्लोरीन गैस तथा आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है। (c) कोई अभिक्रिया नहीं होती। (d) आयरन लवण और जल बनता है।

उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस तथा आयरन क्लोराइड बनता है।

Qसंतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
जिस रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर होती है, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।
समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक होता है क्योंकि रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान संरक्षण का नियम लागू होता है। इसके अनुसार अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।

Qनिम्न कथनों को रासायनिक समीकरण में बदलकर संतुलित कीजिए। (a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन के साथ मिलकर अमोनिया बनाता है। (b) हाइड्रोजन सल्फाइड का वायु में दहन होने पर जल और सल्फर डाइऑक्साइड बनते हैं। (c) एलुमिनियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया से एलुमिनियम क्लोराइड तथा बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनता है। (d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती है।

उत्तर:(a)   N₂ (g) + 3H₂ (g) → 2NH₃ (g)

 

उत्तर:(b)   2H₂S (g) + 3O₂ (g) → 2H₂O (l) + 2SO₂ (g)

 

उत्तर:(c)   Al₂(SO₄)₃ (aq) + 3BaCl₂ (aq) → 2AlCl₃ (aq) + 3BaSO (s)

 

उत्तर: (d)   2K (s) + 2H₂O (l) → 2KOH (aq) + H₂ (g)

Qनिम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए। (i) HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + H₂O (ii) NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O (iii) NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃ (iv) BaCl₂ + H₂SO₄ → BaSO₄ + HCl

उत्तर(i)-   2HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + 2H₂O

उत्तर(ii)-   2NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O

उत्तर(iii)- NaCl + AgNO₃ → AgCl + NaNO₃

उत्तर(iv)- BaCl₂ + H₂SO₄ → BaSO₄ + 2HCl

Q7. निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए: (a) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शियम कार्बोनेट + जल (b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर (c) एलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → एलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर (d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

उत्तर

(a) Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O

(b) Zn + 2AgNO₃ → Zn(NO₃)₂ + 2Ag

(c) 2Al + 3CuCl₂ → 2AlCl₃ + 3Cu

(d) BaCl₂ + K₂SO₄ → BaSO₄ + 2KCl

Qनिम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं अभिक्रिया का प्रकार बताइए। (a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s) (b) जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g) (c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g) (d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

(a)
2KBr (aq) + BaI₂ (aq) → 2KI (aq) + BaBr₂ (s)
अभिक्रिया का प्रकार: द्विविस्थापन अभिक्रिया


(b)
ZnCO₃ (s) → ZnO (s) + CO₂ (g)
अभिक्रिया का प्रकार: वियोजन अभिक्रिया


(c)
H₂ (g) + Cl₂ (g) → 2HCl (g)
अभिक्रिया का प्रकार: संयोजन अभिक्रिया


(d)
Mg (s) + 2HCl (aq) → MgCl₂ (aq) + H₂ (g)
अभिक्रिया का प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया

Qप्रश्न: ऊष्माक्षेपी तथा ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर:  जिन रासायनिक अभिक्रियाओं के दौरान ऊष्मा बाहर निकलती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।
उदाहरण:
C + O₂ → CO₂ + ऊष्मा

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिक्रिया होने के लिए ऊष्मा ग्रहण की जाती है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहा जाता है।
उदाहरण:
CaCO₃ + ऊष्मा → CaO + CO₂

Qश्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहा जाता है? समझाइए।

उत्तर:  श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है क्योंकि इस प्रक्रिया में ग्लूकोज का ऑक्सीकरण होता है और इसके परिणामस्वरूप ऊर्जा निकलती है। यह ऊर्जा शरीर की विभिन्न क्रियाओं को चलाने में सहायता करती है।

इस अभिक्रिया में ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा उत्पन्न करता है।

रासायनिक समीकरण:
C₆H₁₂O₆ (aq) + 6O₂ (g) → 6CO₂ (g) + 6H₂O (l) + ऊर्जा

Qप्रश्न: वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर:  वियोजन अभिक्रिया में एक ही यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है। इसलिए इसे संयोजन अभिक्रिया के विपरीत माना जाता है। संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ आपस में मिलकर एक नया यौगिक बनाते हैं।

उदाहरण:

वियोजन अभिक्रिया:
CaCO₃ (s) → CaO (s) + CO₂ (g)

संयोजन अभिक्रिया:
CaO (s) + H₂O (l) → Ca(OH)₂ (aq)

Qउन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश तथा विद्युत् के रूप में ऊर्जा दी जाती है।

उत्तर:

(i) ऊष्मा द्वारा वियोजन:
CaCO₃ (s) → CaO (s) + CO₂ (g) (ऊष्मा)

(ii) प्रकाश द्वारा वियोजन:
2AgCl (s) → 2Ag (s) + Cl₂ (g) (प्रकाश)

(iii) विद्युत् द्वारा वियोजन:
2H₂O (l) → 2H₂ (g) + O₂ (g) (विद्युत्)

Qविस्थापन तथा द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इनके उदाहरण सहित समीकरण लिखिए।

जब कोई अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक में उपस्थित कम क्रियाशील तत्व को हटाकर उसकी जगह ले लेता है, तो इस प्रकार की अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहा जाता है।

उदाहरण:
Zn (s) + CuSO₄ (aq) → ZnSO₄ (aq) + Cu (s)

दूसरी ओर, जब दो यौगिक आपस में अभिक्रिया करते समय अपने आयनों का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं और नए यौगिक बनते हैं, तो उसे द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।

उदाहरण:
Na₂SO₄ (aq) + BaCl₂ (aq) → BaSO₄ (s) + 2NaCl (aq)

Qसिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर:

जब कॉपर धातु को सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में डाला जाता है, तो कॉपर सिल्वर को उसके यौगिक से बाहर कर देता है। इस प्रकार विलयन से शुद्ध सिल्वर प्राप्त होता है और कॉपर नाइट्रेट बनता है।

रासायनिक समीकरण:
2AgNO₃ (aq) + Cu (s) → Cu(NO₃)₂ (aq) + 2Ag (s)

सिल्वर नाइट्रेट + कॉपर → कॉपर नाइट्रेट + सिल्वर

Qअवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

जब दो जलीय विलयनों की अभिक्रिया से कोई अघुलनशील ठोस पदार्थ बनता है, तो ऐसी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है। यह ठोस पदार्थ घोल से अलग होकर नीचे बैठ जाता है, जिसे अवक्षेप कहते हैं।

उदाहरण:
Na₂CO₃ (aq) + CaCl₂ (aq) → CaCO₃ (s) + 2NaCl (aq)

Qऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए। (a) उपचयन  (b) अपचयन

उत्तर:

(a) उपचयन (ऑक्सीकरण):
जिस अभिक्रिया में किसी पदार्थ के साथ ऑक्सीजन जुड़ती है या हाइड्रोजन निकलती है, उसे उपचयन कहते हैं।

उदाहरण:
2Mg (s) + O₂ (g) → 2MgO (s)

2Cu (s) + O₂ (g) → 2CuO (s)

इन अभिक्रियाओं में मैग्नीशियम और कॉपर ऑक्सीजन के साथ मिलकर उनके ऑक्साइड बनाते हैं, इसलिए यह उपचयन है।


(b) अपचयन:
जिस अभिक्रिया में किसी पदार्थ से ऑक्सीजन निकल जाती है या हाइड्रोजन जुड़ जाती है, उसे अपचयन कहा जाता है।

उदाहरण:
CuO + H₂ → Cu + H₂O

ZnO + C → Zn + CO

इन अभिक्रियाओं में कॉपर ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड से ऑक्सीजन निकल जाती है, इसलिए यह अपचयन की अभिक्रियाएँ हैं।

Qप्रश्न: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ और बने हुए काले यौगिक का नाम बताइए।

उत्तर:

भूरे रंग का तत्व कॉपर (ताँबा) है। जब इसे वायु में गर्म किया जाता है, तो इसकी सतह पर कॉपर ऑक्साइड की काली परत बन जाती है।

रासायनिक समीकरण:
2Cu + O₂ → 2CuO

कॉपर (भूरा) → कॉपर ऑक्साइड (काला)

Qप्रश्न: लोहे की वस्तुओं को पेंट क्यों किया जाता है?

उत्तर:

लोहे की वस्तुओं पर जंग लगने से बचाने के लिए पेंट किया जाता है। पेंट की परत लोहे को हवा और नमी के संपर्क में आने से रोकती है। जब लोहा वायु और पानी के संपर्क में नहीं आता, तो उस पर जंग नहीं लगती।

Qप्रश्न: तेल और वसा वाले खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से क्यों भरा जाता है?

उत्तर:  तेल और वसा वाले खाद्य पदार्थ हवा में मौजूद ऑक्सीजन के कारण जल्दी खराब हो सकते हैं। इसे ऑक्सीकरण कहते हैं। इससे भोजन का स्वाद और गंध बदल जाती है।

इससे बचाने के लिए पैकेट के अंदर की ऑक्सीजन को निकालकर उसकी जगह नाइट्रोजन गैस भर दी जाती है। नाइट्रोजन कम क्रियाशील होती है, इसलिए भोजन लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

Qनिम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। (a) संक्षारण  (b) विकृतगंधिता

उत्तर:

(a) संक्षारण:
जब धातुएँ हवा, नमी या अन्य रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आकर धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।

उदाहरण:
लोहे पर जंग लगना संक्षारण का सामान्य उदाहरण है।

समीकरण:
4Fe + 3O₂ + nH₂O → 2Fe₂O₃·nH₂O


(b) विकृतगंधिता:
जब तैलीय या वसायुक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक हवा के संपर्क में रहते हैं, तो उनमें मौजूद तेल और वसा ऑक्सीकरण के कारण खराब हो जाते हैं। इससे उनके स्वाद और गंध में परिवर्तन आ जाता है। इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं।

उदाहरण:
मक्खन या तेल को लंबे समय तक खुला रखने पर उसमें खराब गंध आने लगती है।

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